शेर-पूंछ मैकाक: लुप्तप्राय, पश्चिमी घाट का स्थानिक
चर्चा में क्यों
पश्चिमी घाट में एक हालिया अध्ययन में मानव परिदृश्यों में 800 से अधिक शेर-पूंछ मैकाक दर्ज किए गए, जो सड़क दुर्घटनाओं जैसे जोखिमों का सामना कर रहे हैं। यह वृक्ष-निवासी प्रजाति क्षेत्र के वर्षावनों के लिए स्थानिक है।
पृष्ठभूमि
मानव-प्रभावित क्षेत्रों में लुप्तप्राय शेर-पूंछ मैकाक की बढ़ती उपस्थिति गंभीर आवास विखंडन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को उजागर करती है, जिसके लिए तत्काल संरक्षण और बहाली प्रयासों की आवश्यकता है।
महत्वपूर्ण आंकड़ा
• 2,400-2,500 — अनुमानित वयस्क व्यक्ति शेष • 800+ — मानव परिदृश्यों में दर्ज व्यक्ति
मुख्य तथ्य
- 1प्रजाति: शेर-पूंछ मैकाक (मैकाका साइलेनस) - पश्चिमी घाट के वर्षावनों के लिए स्थानिक।
- 2आईयूसीएन रेड लिस्ट स्थिति: लुप्तप्राय (जनसंख्या ~2,400-2,500 वयस्क व्यक्ति)।
- 3कानूनी संरक्षण: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I (उच्चतम स्तर)।
- 4आवास: वृक्ष-निवासी, मुख्य रूप से फलभक्षी, शायद ही कभी जमीन पर उतरता है।
- 5प्रमुख जनसंख्या: अन्नामलाई पहाड़ियाँ, मध्य पश्चिमी घाट, तमिलनाडु।
- 6खतरे: आवास का नुकसान, विखंडन (चाय बागान, मानव बस्ती), सड़क दुर्घटनाएं, बिजली का झटका।
परीक्षा कोण
Conservation policy must address human-wildlife conflict and habitat fragmentation in biodiversity hotspots like the Western Ghats, integrating local communities and land-use planning.
PYQ संदर्भ
PRELIMS_FACT: IUCN status of species; MATCHING: Protected Areas and associated species.
मानचित्र बिंदु